सोमवार, 6 फ़रवरी 2012


बेरोजगार बेटे का दर्द ------

माँ करना तू सब्र ज़रा सा ,अपना भी दिन आयेगा


मुरझाया चेहरा तुम्हारा , जब एक दिन खिल जाएगा

पहला दिन मेरे जीवन का ,जब में ऑफिस जाउंगा


पेंट शर्ट और टाई लगा कर ,थोड़ा सा इतराऊंगा ........

भरपूर नज़र से जब देखोगी ,माँ में शरमा जाउंगा


स्वप्न तुम्हारी आँखों का माँ ,सच में 'सच' कर पाउँगा .....

माँ निराश ना होना तुम बस ,आशा दीप जला रखना


परिस्थितियों के तूफानों से ,उसको ज़रा बचा रखना .....

'नाकारा' ना मुझे समझना ,तेरा दर्द समझता हूँ


माथे पर जो खींची लकीरें ,उनका मर्म समझता हूँ ......

पापा को भी कहना माँ तुम ,में सपूत कहलाउंगा


नाम करूंगा रोशन उनका , कालिख नहीं लगाउंगा

प्यार और विश्वास चाहिए ,तेरा आशीर्वाद चाहिए


आँचल में छिपा ले माँ तू , मुझको तेरा साथ चाहिए ......

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