बुधवार, 27 जुलाई 2011





7 टिप्‍पणियां:

  1. अनिता जी,बहुत अच्छी रचना लिखी है आपने जैसा सुना था आपके बारे मे वैसा ही पाया |

    उत्तर देंहटाएं
  2. आज फ़िर खेली है हमने लिंक्स के साथ छुपमछुपाई चर्चा में आज नई पुरानी हलचल

    उत्तर देंहटाएं
  3. यह मैंने गूगल + पर भी पढ़ी थी ..अच्छी प्रस्तुति

    उत्तर देंहटाएं
  4. खूबसूरत अभिव्यक्ति. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

    उत्तर देंहटाएं
  5. ji bilkul sabhi aadat, jiske bina jeevan hi adhura lagne lagti hai, kitni sachai hai is waywharik bhawnatamk tathyon, gussa, pyar, khatpat, aur dher sari baaten..... bahut achchhi abhiwaykti

    उत्तर देंहटाएं

सखियों आपके बोलों से ही रोशन होगा आ सखी का जहां... कमेंट मॉडरेशन के कारण हो सकता है कि आपका संदेश कुछ देरी से प्रकाशित हो, धैर्य रखना..